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क्रिटिकल इलनेस हेल्थ इंश्योरेंस

क्रिटिकल इलनेस पॉलिसी कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी के लिए कम्प्रीहेंसिव कवरेज प्रदान करने के लिए बनाई गई है. अप्रत्याशित, गंभीर और लंबे समय तक चलने वाली बीमारी के मामले में, फाइनेंशियल सुरक्षा पाने के लिए आपको अपनी रेगुलर हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी के साथ इसे भी लेना चाहिए.

जैसे-जैसे मेडिकल का खर्च बढ़ रहा है, वैसे-वैसे लोगों के पास क्रिटिकल इलनेस इंश्योरेंस पॉलिसी का होना भी जरूरी हो रहा है, ताकि वे हॉस्पिटल में भर्ती होने के भारी-भरकम खर्च से खुद को बचा सकें. हेल्थ एमरजेंसी के दौरान आपके फाइनेंस का ख्याल रखने के साथ-साथ, पॉलिसी टैक्स लाभ भी देती है.

बजाज फाइनेंस एक कम्प्रीहेंसिव और किफायती क्रिटिकल इलनेस इंश्योरेंस प्लान प्रदान करता है जो अप्रत्याशित हेल्थ एमरजेंसी के मामले में बहुत मददगार हो सकता है.

मुख्य विशेषताएं और लाभ

क्रिटिकल इलनेस इंश्योरेंस के तहत दी जाने वाली मुख्य विशेषताएं और लाभ यहां दिए गए हैं:

  • education loan

    उच्च कवरेज राशि

    क्रिटिकल इलनेस पॉलिसी आपको क्वालिटी ट्रीटमेंट प्राप्त करने में मदद करने के लिए रु. 50 लाख तक की कवरेज प्रदान करती है. लेकिन, कवरेज राशि आपके द्वारा चुनी गई पॉलिसी पर निर्भर करेगी.

  • कम्प्रीहेंसिव उपयोग

    बहुत बड़े मेडिकल उपचार, विशेषज्ञ द्वारा मेडिकल सलाह, या दवाइयों के लिए भुगतान के लिए पॉलिसी का उपयोग करें.

  • lap documents required

    प्रमुख बीमारियों को कवर करता है

    क्रिटिकल इलनेस हेल्थ इंश्योरेंस में मुख्य रूप से 50 प्रमुख गंभीर बीमारियों को कवर किया जाता है. इनमें से कुछ हैं कोरोनरी आर्टरी बाईपास सर्जरी, स्ट्रोक, किडनी फेलियर, प्रमुख अंग का प्रत्यारोपण आदि.

  • टैक्स में छूट

    इस इंश्योरेंस के लिए चुकाया गया प्रीमियम आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 80D के तहत टैक्स कटौती योग्य है. अगर पॉलिसीधारक की आयु 60 वर्ष से कम है, तो वह टैक्स में रु. 25,000 तक की बचत कर सकते हैं. 60 वर्ष की आयु से अधिक की सीनियर सिटीज़न टैक्स में रु. 50,000 तक की बचत कर सकते हैं.

  • education loan

    सुविधाजनक क्लेम

    किसी भी थर्ड पार्टी को शामिल किए बिना आसान तरीके से अपने क्लेम को सेटल करें.

  • आपके लिए विशेष पॉलिसी

    यह पॉलिसी आमतौर पर रेगुलर हेल्थ इंश्योरेंस के तहत कवर न किए जाने वाले खर्चों को कवर करती है.

क्रिटिकल इलनेस पॉलिसी क्या है

क्रिटिकल इलनेस इंश्योरेंस पॉलिसी किडनी की खराबी, हार्ट अटैक, कैंसर, अंग प्रत्यारोपण आदि जैसी गंभीर बीमारियों के लिए कवरेज प्रदान करती है. ऐसी पॉलिसी इन बीमारियों के ट्रीटमेंट से संबंधित बड़ी लागत के लिए एक बार लंप-सम कवरेज प्रदान करती हैं.

मेडिकल ट्रीटमेंट की लागत हर वर्ष बढ़ रही है, इसलिए मेडिकल और नॉन-मेडिकल खर्चों को पूरा करने के लिए कम्प्रीहेंसिव इंश्योरेंस पॉलिसी का होना महत्वपूर्ण है.

क्रिटिकल इलनेस इंश्योरेंस पॉलिसी के तहत टैक्स लाभ

क्रिटिकल इलनेस पॉलिसी का एक बड़ा फायदा इसमें मिलने वाले इनकम टैक्स लाभ हैं. इनकम टैक्स एक्ट, 1961 के नियमों के तहत, आप सेक्शन 80डी के तहत लागू टैक्स कानूनों के अनुसार इनकम टैक्स कटौती क्लेम कर सकते हैं (60 वर्ष से कम आयु के व्यक्तियों के लिए, जो स्वयं, स्पाउस और बच्चों के लिए भुगतान किए गए इंश्योरेंस प्रीमियम पर रु. 25,000 तक का लाभ प्राप्त कर सकते हैं). इसके अलावा, सीनियर सिटीज़न 60 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों के लिए उपलब्ध इनकम टैक्स कटौती के रूप में रु. 50,000 तक की कटौती क्लेम कर सकते हैं.

*टैक्स लाभ टैक्स कानूनों में बदलाव के अधीन है

आदर्श क्रिटिकल इलनेस इंश्योरेंस प्लान कैसे चुनें

पैरामीटर विवरण
सम इंश्योर्ड न्यूनतम कवरेज, रु. 50 लाख या उससे अधिक
प्रतीक्षा अवधि पॉलिसी शुरू होने की तिथि से न्यूनतम 30 दिन या अधिकतम 2 वर्ष
उत्तरजीविता अवधि जैसा कि पॉलिसी डॉक्यूमेंट में दर्शाया गया है
कवर की गई बीमारियां पॉलिसी के आधार पर, 50 या उससे अधिक विशिष्ट गंभीर बीमारियां
रिन्यूअबिलिटी की आयु आमतौर पर, अधिकतम आयु तक या लाइफटाइम रिन्यूएबिलिटी

क्रिटिकल इलनेस इंश्योरेंस प्लान बनाम हेल्थ इंश्योरेंस प्लान

क्रिटिकल इलनेस कवर और हेल्थ इंश्योरेंस प्लान के बीच महत्वपूर्ण अंतर इस प्रकार हैं –
 
पैरामीटर क्रिटिकल इलनेस इंश्योरेंस प्लान स्वास्थ्य बीमा योजना
अर्थ यह जानलेवा बीमारियों के लिए कवरेज प्रदान करता है. यह कम्प्रीहेंसिव हेल्थ इंश्योरेंस कवरेज प्रदान करता है जिसमें हॉस्पिटलाइज़ेशन के खर्च शामिल हैं.
लाभ पॉलिसी कवरेज प्राप्त करने के लिए हॉस्पिटलाइज़ेशन आवश्यक नहीं है, डायग्नोसिस पर्याप्त है. हॉस्पिटलाइज़ेशन बिल सबमिट करने के बाद ही यह पॉलिसी कवरेज उपलब्ध होगा. आप नेटवर्क हॉस्पिटल्स में कैशलेस लाभ भी प्राप्त कर सकते हैं.
कवरेज यह 50 बीमारियों के लिए कवरेज प्रदान करता है. यह हॉस्पिटलाइज़ेशन से पहले और बाद के खर्चों सहित कम्प्रीहेंसिव कवरेज प्रदान करता है.
प्रतीक्षा अवधि प्रतीक्षा अवधि किसी बीमारी की गंभीरता पर निर्भर करती है. इसमें आमतौर पर 30 दिनों की प्रतीक्षा अवधि होती है.

क्रिटिकल इलनेस इंश्योरेंस पॉलिसीज़ की तुलना

विभिन्न क्रिटिकल इलनेस प्लान के बीच तुलना का टेबल इस प्रकार है –

बीमा योजना उम्र सम इंश्योर्ड पॉलिसी अवधि
ManipalCigna प्रोहेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी - (सुपर टॉप-अप स्कीम) 18 – 56 + वर्ष रु. 15 लाख, रु. 21 और रु. 30 लाख 1 वर्ष
Niva Bupa हेल्थ कम्पेनियन 18 - 60 वर्ष रु. 5 लाख 1 वर्ष
ManipalCigna सुपर टॉप अप 18 - 91 वर्ष रु. 3 लाख से 30 लाख तक 1/2/3 वर्ष

*उपरोक्त जानकारी इंश्योरेंस प्रदाता के मानदंडों के अनुसार बदलाव के अधीन है

क्रिटिकल इलनेस इंश्योरेंस पॉलिसी किसे खरीदनी चाहिए

आमतौर पर, कोई भी व्यक्ति क्रिटिकल इलनेस प्लान खरीद सकता है क्योंकि गंभीर बीमारियां बिना किसी चेतावनी के किसी भी समय आ सकती हैं. फिर भी, नीचे दिए गए लोगों को इस इंश्योरेंस पॉलिसी से सबसे अधिक लाभ हो सकता है –
  • जिनके परिवार में गंभीर बीमारी का इतिहास रहा हो
    कई गंभीर बीमारियां आनुवंशिक होती हैं, और इस कैटेगरी में आने वाले लोगों को इस प्रकार के इंश्योरेंस प्लान की तलाश करनी चाहिए. इसलिए, अगर किसी व्यक्ति के परिवार में गंभीर बीमारी होती रही है, तो उस पर इसका ज़्यादा खतरा होगा.
  • परिवार में कमाने वाला मुख्य व्यक्ति
    जो लोग अपने परिवार में मुख्य रूप से आय अर्जित करते हैं, उन्हें गंभीर बीमारियों के फाइनेंशियल प्रभाव से बचने के लिए यह इंश्योरेंस प्लान लेना चाहिए. ऐसी इंश्योरेंस पॉलिसी द्वारा मिलने वाला कवरेज आपके परिवार के फाइनेंशियल हितों को सुरक्षित कर सकता है.
  • 40 वर्ष से अधिक आयु वाले व्यक्ति
    40 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों पर दूसरों की तुलना में ऐसी बीमारियों खतरा अधिक होता है. वे अपने फाइनेंशियल हितों की रक्षा के लिए क्रिटिकल इलनेस पॉलिसी का विकल्प चुन सकते हैं. इसकी मदद से, वे इस अतिरिक्त खर्च को मैनेज करने के लिए फाइनेंशियल रूप से बेहतर स्थिति में होंगे.
  • जो बेहद प्रतिस्पर्धी माहौल में नौकरी करते हैं
    अत्यधिक दबाव वाली नौकरी करने वाले लोगों को ऐसे क्रिटिकल इलनेस कवर अवश्य लेने चाहिए. तनाव और अनियमित जीवनशैली के कारण स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है. अध्ययन भी यह दर्शाते हैं कि भागदौड़ और अत्यधिक दबाव वाले माहौल में नौकरी करने वाले लोगों को ये इंश्योरेंस प्लान अवश्य लेना चाहिए.

क्रिटिकल इंश्योरेंस पॉलिसी चुनते समय इन बातों का ध्यान रखें

क्रिटिकल इलनेस प्लान के लिए अप्लाई करने से पहले आपको निम्नलिखित बातें ध्यान में रखनी चाहिए –
  • बीमित राशि
    विभिन्न पॉलिसी पर विचार करते समय आपको सम अश्योर्ड पर नज़र अवश्य रखनी चाहिए. प्रत्येक गंभीर बीमारी का खर्च अलग-अलग होता है, इसलिए अप्लाई करने से पहले कवरेज की राशि चेक करना महत्वपूर्ण है.
  • सब-लिमिट
    क्रिटिकल इलनेस इंश्योरेंस की सब-लिमिट पॉलिसी की कुल लागत को प्रभावित कर सकती है. यह लिमिट कुल सम अश्योर्ड पर भी लागू होती है. उदाहरण के लिए, मान लें कि क्रिटिकल इंश्योरेंस प्लान रु. 5 लाख के सम अश्योर्ड के साथ आता है. इसके अलावा, इसमें टेस्ट के लिए रु. 2 लाख की सब-लिमिट है, और अगर टेस्ट के लिए आपका अंतिम बिल रु. 3 लाख का है, तो इस मामले में आपको रु. 1 लाख का भुगतान अपनी जेब से करना होगा.
  • क्या शामिल है और क्या नहीं
    आपको पहले ही यह चेक कर लेना चाहिए कि इंश्योरेंस पॉलिसी में क्या शामिल है और क्या शामिल नहीं है. हो सकता है कि कुछ पॉलिसी क्रिटिकल इलनेस प्लान में उन बीमारियों को कवर न करती हो जिन्हें आप गंभीर बीमारी मानते हैं. इससे एप्लीकेंट को यह समझने में मदद मिलेगी कि किन खर्चों को कवर किया जाएगा और किन खर्चों को कवर नहीं किया जाएगा.
  • अधिकतम रिन्यूअल आयु
    ऐसी इंश्योरेंस पॉलिसी को रिन्यू करने की आयु एक प्रदाता से दूसरे प्रदाता के लिए अलग-अलग होती है. कुछ इंश्योरेंस कंपनियां 60 वर्ष की आयु तक कवरेज प्रदान करती हैं, जबकि अन्य कंपनियां पूरी ज़िंदगी रिन्यू करने की सुविधा देती हैं. इसलिए, इस पॉइंट को चेक करना आवश्यक है.
  • प्रतीक्षा अवधि
    आमतौर पर, इस तरह की इंश्योरेंस पॉलिसी एक 'प्रतीक्षा अवधि' के साथ आती हैं. इसका मतलब है कि पॉलिसीधारक एक निर्धारित समय के बाद ही इन लाभों को प्राप्त कर सकते हैं.
  • क्लेम सेटलमेंट अनुपात
    और अंत में, क्लेम सेटलमेंट रेशियो भी चेक करना महत्वपूर्ण है. इससे आप किसी विशेष पॉलिसी प्रदाता की कुशलता के बारे में अनुमान लगा सकते हैं.

क्रिटिकल इलनेस पॉलिसी के लिए क्लेम कैसे दर्ज करें?

कैशलेस क्लेम
कैशलेस ट्रीटमेंट केवल बजाज आलियांज़ के साथ रजिस्टर्ड नेटवर्क हॉस्पिटल में उपलब्ध है. कैशलेस ट्रीटमेंट का लाभ उठाने के लिए, निम्नलिखित प्रक्रिया का पालन करना होगा:  

  • अपने पॉलिसी विवरण के साथ नेटवर्क हॉस्पिटल से संपर्क करें.

  • हॉस्पिटल आपके विवरण को सत्यापित करेगा और इंश्योरर को प्री-ऑथोराइज़ेशन फॉर्म भेजेगा.

  • इंश्योरर प्री-ऑथोराइज़ेशन अनुरोध को सत्यापित करेगा और पॉलिसी कवरेज व अन्य विवरण हॉस्पिटल को भेजेगा.
  •  

प्लान किया गया हॉस्पिटलाइज़ेशन

  • इंश्योर्ड मेंबर को भर्ती होने से कम से कम 72 घंटे पहले उसके बारे में सूचित करना चाहिए.
  •  
  • एमरजेंसी हॉस्पिटलाइज़ेशन - इंश्योर्ड मेंबर या उसके प्रतिनिधि को ऐसी भर्ती की सूचना 24 घंटों के भीतर देनी चाहिए.
  •  
  • इंश्योरर आपको या नेटवर्क हॉस्पिटल को एक प्री-ऑथोराइज़ेशन लेटर भेजेगा. भर्ती होने के समय, आपको यह प्री-ऑथोराइज़ेशन लेटर, इस पॉलिसी के साथ आपको जारी किया गया आईडी कार्ड और इंश्योरर द्वारा निर्दिष्ट की गई कोई भी जानकारी या डॉक्यूमेंट प्री-ऑथोराइज़ेशन लेटर में चिन्हित किए गए नेटवर्क हॉस्पिटल को प्रदान करना होगा.
  • अगर उपरोक्त प्रक्रिया का पालन किया जाता है, तो आपको नेटवर्क हॉस्पिटल में कुल डिडक्टिबल से अधिक के मेडिकल खर्चों का भुगतान अपनी जेब से नहीं करना पड़ेगा.
  • उपचार के मूल बिल और साक्ष्य नेटवर्क हॉस्पिटल के पास छोड़े जाएंगे.
रीइंबर्समेंट क्लेम
अगर इंश्योरर किसी क्रिटिकल इलनेस इंश्योरेंस पॉलिसी में ऊपर उल्लिखित कैशलेस क्लेम प्रोसीज़र के तहत प्री-ऑथोराइज़ेशन से इंकार करता है. या अगर लिया गया इलाज नेटवर्क हॉस्पिटल के अलावा किसी अन्य हॉस्पिटल में हो या अगर आप कैशलेस सुविधा का लाभ नहीं उठाना चाहते, तो आपको निम्नलिखित प्रक्रिया का पालन करना होगा:

  • आपको या आपकी ओर से क्लेम करने वाले व्यक्ति को हॉस्पिटलाइज़ेशन के 48 घंटों के भीतर तुरंत लिखित रूप से इंश्योरर को सूचित करना होगा और हॉस्पिटल से भी सभी संबंद्ध डॉक्यूमेंट लेने होंगे.

  • इंश्योर्ड व्यक्ति की मृत्यु होने की स्थिति में, उनकी ओर से क्लेम करने वाले व्यक्ति को तुरंत इंश्योरर को (लिखित रूप में) सूचित करना होगा और 30 दिनों के भीतर पोस्ट मॉर्टम रिपोर्ट (अगर कोई हो) की एक कॉपी भेजनी होगी.

  • डेकेयर प्रोसीज़र को छोड़कर, इंश्योरर आपको 24 घंटों से कम समय के हॉस्पिटलाइज़ेशन के लिए क्षतिपूर्ति नहीं करेगा.

  • इंश्योरर केवल भारतीय रुपयों में क्लेम का भुगतान कर सकता है.

क्रिटिकल इलनेस इंश्योरेंस पॉलिसी में क्या शामिल है

क्रिटिकल इलनेस पॉलिसी के तहत मानक रूप से ये सब शामिल होता है:
  • क्रिटिकल इलनेस हेल्थ इंश्योरेंस मुख्य रूप से अधिकतम 50 प्रमुख गंभीर बीमारियों को कवर करता है. इनमें कोरोनरी आर्टरी बाईपास सर्जरी, स्ट्रोक, किडनी फेल होना, शरीर के किसी मुख्य अंग का ट्रांसप्लांट आदि शामिल हैं.
  • क्रिटिकल इलनेस कवर की राशि, इंश्योरेंस प्रदाता के आधार पर अलग-अलग होती है.
  • आप डायग्नोसिस के 30 दिनों के अंदर या क्रिटिकल इलनेस इंश्योरेंस पॉलिसी में उल्लिखित नियमों और शर्तों के अनुसार क्रिटिकल इलनेस इंश्योरेंस का लाभ उठा सकते हैं.
  • बीमित व्यक्ति को क्रिटिकल इलनेस पॉलिसी में दी गई लंपसम राशि मिलती है.
  • क्रिटिकल इलनेस इंश्योरेंस पॉलिसी वार्षिक हेल्थ चेक-अप को भी कवर करती है.

क्रिटिकल इलनेस इंश्योरेंस पॉलिसी में ये शामिल नहीं हैं

क्रिटिकल इलनेस पॉलिसी के तहत मानक रूप से ये सब शामिल होता है:
  • अगर कोई व्यक्ति गंभीर बीमारी या सर्जरी के डायग्नोसिस के 30 दिनों के भीतर मर जाता है, तो कोई मुआवजा नहीं.
  • धूम्रपान, तंबाकू, शराब या ड्रग्स लेने के कारण हुई किसी भी गंभीर बीमारी को क्रिटिकल इलनेस इंश्योरेंस पॉलिसी में शामिल नहीं किया जाता
  • आंतरिक या बाहरी जन्मजात विकार के कारण हुई गंभीर बीमारी को क्रिटिकल इलनेस इंश्योरेंस में शामिल नहीं किया जाता
  • क्रिटिकल इलनेस इंश्योरेंस में गर्भावस्था या प्रसूति से संबंधित गंभीर स्थितियों को कवर नहीं किया जाता.
  • क्रिटिकल इलनेस पॉलिसी में एडवेंचर स्पोर्ट्स में लगी चोट, खुद को पहुंचाई हानि और युद्ध के कारण लगी चोट को शामिल नहीं किया जाता

भारत में क्रिटिकल इलनेस इंश्योरेंस का महत्व

भारत में क्रिटिकल इलनेस इंश्योरेंस इसलिए महत्वपूर्ण है:

बढ़ी हुई कवरेज

क्रिटिकल इलनेस इंश्योरेंस की ओर से ऑफर किया जाने वाला व्यापक कवरेज ही इसे बहुत महत्वपूर्ण बनाता है. इसमें अलग-अलग तरह की गंभीर बीमारियों के कवरेज के साथ-साथ, उन बीमारियों की गंभीरता की अलग-अलग स्टेज भी शामिल है. इसके अलावा, इस पॉलिसी के तहत दिया जाना वाला सम इंश्योर्ड आपको हॉस्पिटल के बिल के अलावा अन्य हेल्थकेयर खर्चों को मैनेज करने में मदद कर सकता है.

लंपसम के लाभ

क्रिटिकल इलनेस इंश्योरेंस लंपसम भुगतान प्रदान करता है, जो हेल्थकेयर से जुड़े खर्च को मैनेज करने में मदद करता है. हॉस्पिटल में भर्ती होने के बिल के बावजूद भी लंपसम राशि का भुगतान किया जाता है. इन पैसों को हॉस्पिटल में भर्ती होने के बाद दवा, परिवहन, लॉजिंग, होम थेरेपी और अन्य खर्चों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है.

उच्च क्वालिटी के हेल्थकेयर का एक्सेस

गंभीर बीमारियों से लड़ने के लिए क्रिटिकल इलनेस इंश्योरेंस प्लान महत्वपूर्ण हैं. फंडिंग की कमी के कारण, गंभीर बीमारी से पीड़ित कई लोग अपनी बीमारी का सही से इलाज नहीं करवा पाते. इस पॉलिसी के कारण बेहतर हेल्थकेयर सुविधाएं प्राप्त होती हैं. इसलिए, मरीज़ क्रिटिकल इलनेस इंश्योरेंस कवरेज के साथ सही इलाज करवा सकते हैं, जिससे उनके बचने की संभावनाएं बढ़ सकती हैं.

क्रिटिकल इलनेस इंश्योरेंस प्लान खरीदने की आवश्यकता क्यों है

जहां एक ओर आपका प्राथमिक हेल्थ इंश्योरेंस नियमित तौर पर होने बीमारी और हॉस्पिटल की सामान्य प्रक्रियाओं में लगने वाले खर्च का ध्यान रखेगा, वहीं दूसरी ओर क्रिटिकल इलनेस प्लान किसी भी अप्रत्याशित गंभीर बीमारी या मेडिकल कॉम्प्लिकेशन को कवर करेगा. आपको क्रिटिकल इलनेस इंश्योरेंस प्लान क्यों लेना चाहिए, इसकी कुछ वजहें ये रहीं.

  • महंगे ट्रीटमेंट के लिए अतिरिक्त कवरेज
  • अतिरिक्त वित्तीय सुरक्षा
  • तनाव-मुक्त हॉस्पिटलाइजेशन
  • बचत को कोई जोखिम नहीं
  • कम प्रीमियम पर पर्याप्त कवरेज
  • प्राथमिक हेल्थ इंश्योरेंस प्लान में कवर नहीं होने वाले खर्च का कवरेज प्रदान करना.

क्रिटिकल इलनेस इंश्योरेंस के लिए अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

1 क्रिटिकल इलनेस इंश्योरेंस क्या है?

क्रिटिकल इलनेस पॉलिसी एक प्रकार की हेल्थ इंश्योरेंस प्लान है जो पॉलिसी में उल्लिखित गंभीर बीमारी होने पर आपके मेडिकल खर्चों को कवर करता है. यह साधारण हेल्थ इंश्योरेंस के लिए एक ऐड-ऑन पॉलिसी के रूप में काम करता है.

2 क्रिटिकल इलनेस कवर आवश्यक क्यों है?

अगर आप या आपके परिवार के किसी सदस्य को गंभीर बीमारी हो जाती है, तो क्रिटिकल इलनेस कवर आपको फाइनेंशियल सुरक्षा प्रदान करता है. कवरेज में एकमुश्त भुगतान शामिल है जिसका उपयोग उपचार और हेल्थकेयर लागत, स्वास्थ्य लाभ संबंधी सहायता आदि के लिए किया जा सकता है. इसलिए, अतिरिक्त और व्यापक कवरेज प्रदान करने के लिए आपके सामान्य हेल्थ इंश्योरेंस में ऐड-ऑन के रूप में एक क्रिटिकल इलनेस इंश्योरेंस पॉलिसी आवश्यक है.

3 क्या क्रिटिकल इलनेस इंश्योरेंस प्लान लेना चाहिए?

कोई गंभीर बीमारी होने पर, न सिर्फ आपका स्वास्थ्य बल्कि आपका फाइनेंशियल स्टेटस भी गंभीर रूप से प्रभावित होता है. इसलिए, किसी अच्छी क्रिटिकल इलनेस इंश्योरेंस पॉलिसी में इन्वेस्ट करना बेहद जरूरी है. इस पॉलिसी में ऐसी बीमारियों को कवर किया जाता है जिसके लिए कुछ दूसरी हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी कवरेज प्रदान करती हैं या फिर कवरेज प्रदान नहीं करती, लेकिन इसमें सबसे जरूरी बात यह है कि इस पॉलिसी को लेने के बाद, बीमित व्यक्ति अपने क्रिटिकल इलनेस कवर को इस्तेमाल करने का तरीका खुद चुन सकता है.

4 अगर मेरे पास हेल्थ इंश्योरेंस है तो क्या मुझे क्रिटिकल इलनेस इंश्योरेंस की आवश्यकता है?

हां, क्रिटिकल इलनेस इंश्योरेंस - कैंसर, हृदय रोग जैसी प्रमुख बीमारियों के इलाज के लिए किए गए मेडिकल खर्चों को कवर करने में लाभदायक हो सकता है. यह किसी भी गंभीर बीमारी के इलाज के लिए किए गए अतिरिक्त खर्च को कवर करता है. इस खर्च को कुछ कंपनियां अपनी रेगुलर हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी में शामिल करती हैं या नहीं भी करती.

5 क्रिटिकल इलनेस इंश्योरेंस के तहत कौनसी बीमारियां कवर की जाती हैं?

पॉलिसी के तहत आमतौर पर कवर की जाने वाली कुछ गंभीर बीमारियों की लिस्ट यहां दी गई है:

· कैंसर
· हार्ट अटैक
· ओपन हार्ट कोरोनरी आर्टरी बाईपास ग्राफ्टिंग
· ओपन हार्ट रिप्लेसमेंट या हार्ट वाल्व की मरम्मत
· निर्दिष्ट गंभीरता का कोमा
· किडनी फेलियर जहां नियमित डायलिसिस की आवश्यकता है
· स्ट्रोक
· किसी प्रमुख अंग का ट्रांसप्लांट
· बोन मैरो ट्रांसप्लांट
· अंगों का स्थाई लकवा (पैरालिसिस)
· मोटर न्यूरॉन रोग (ALS)
· मल्टीपल स्क्लेरोसिस
· एप्लास्टिक अनीमिया
· बैक्टीरियल मैनिंजाइटिस
· बोलने की शक्ति खोना
· एंड-स्टेज लीवर रोग
· बहरापन
· गंभीर रूप से जलना
· मस्कुलर डिसट्रोफी

6 क्या इस पॉलिसी को खरीदने के लिए कोई पात्रता मानदंड हैं?

5 वर्ष से 65 वर्ष तक के लोग क्रिटिकल इलनेस इंश्योरेंस पॉलिसी के लिए अप्लाई कर सकते हैं. 45 वर्ष की आयु से अधिक के एप्लिकेंट के लिए प्री-पॉलिसी मेडिकल चेक-अप आवश्यक हैं.

7. क्या क्रिटिकल इलनेस कवर आपके मॉरगेज़ को भुगतान करता है?

हां, अगर पॉलिसी कवरेज में यह सुविधा शामिल है, तो कोई क्रिटिकल इलनेस आपके हेल्थ मॉरगेज़ का भुगतान कर सकती है.

8. क्रिटिकल इलनेस पे-आउट प्राप्त करने में कितना समय लगता है?

आमतौर पर, क्रिटिकल इलनेस हेल्थ इंश्योरेंस प्रोवाइडर क्लेम दर्ज करने के 30 दिनों के भीतर भुगतान पूरा करते हैं. हालांकि, यह समयसीमा इंश्योरेंस प्रदाता के अनुसार अलग-अलग हो सकती है.

9. क्रिटिकल इलनेस इंश्योरेंस का भुगतान कितना होता है?

क्रिटिकल इलनेस इंश्योरेंस प्लान की भुगतान राशि या प्रतिशत प्रत्येक पॉलिसी के अनुसार बदलती है.

10. मुझे कितना क्रिटिकल इलनेस कवरेज लेना चाहिए

कवरेज लेने के लिए कोई एक विशिष्ट राशि नहीं होती. यह आपके लाइफ स्टाइल, आयु, निवास का शहर, आय आदि जैसे विभिन्न कारकों से प्रभावित होती है.

11. क्रिटिकल इलनेस कवर में किन बीमारियों को कवर किया जाता है?

क्रिटिकल इलनेस इंश्योरेंस पॉलिसी ऑर्गन ट्रांसप्लांट (अंग प्रत्यारोपण), हार्ट अटैक, किडनी फेलियर, कैंसर आदि जैसी गंभीर बीमारियों के लिए फाइनेंशियल कवरेज प्रदान करती है. यह पॉलिसी इन बीमारियों का इलाज के समय संबंधित खर्चों के लिए एकमुश्त कवरेज प्रदान करती है, और यह पॉलिसी एक मूल हेल्थ इंश्योरेंस प्लान से अतिरिक्त है.
क्रिटिकल इलनेस पॉलिसी में इन तरह की बीमारियों को कवर किया जा सकता है:

  • कैंसर
  • संपूर्ण अंधापन
  • किडनी फेल होना
  • हार्ट वाल्व की सर्जरी
  • कोरोनरी आर्टरी सर्जरी (बाईपास सर्जरी)
  • स्ट्रोक
  • हार्ट अटैक (मायोकार्डियल इन्फार्क्शन)
  • मेजर ऑर्गन ट्रांसप्लांटेशन
  • एओर्टा ग्राफ्ट सर्जरी
  • मल्टीपल स्क्लेरोसिस
  • कोमा
  • लकवा
*प्रत्येक क्रिटिकल इलनेस पॉलिसी अलग-अलग बीमारियों को कवर करती है. ऊपर बताई गई बीमारियां अधिकांश पॉलिसियों में शामिल होती हैं. आपकी पॉलिसी में क्या शामिल है और क्या नहीं, यह निर्धारित करने के लिए पॉलिसी की शब्दावली को ध्यान से देखें.

12. क्रिटिकल इलनेस इंश्योरेंस में क्या कवर नहीं किया जाता?

क्रिटिकल इलनेस पॉलिसी में, धूम्रपान, ड्रग सेवन, शराब, तंबाकू आदि के कारण हुई किसी भी बीमारी को शामिल नहीं किया जाएगा. इसके अलावा, पॉलिसी में बाहरी या आंतरिक जन्मजात विकारों के कारण होने वाली बीमारियां शामिल नहीं होती. इसके अलावा, यह पॉलिसी गर्भावस्था और बच्चे के जन्म से जुड़ी गंभीर स्थितियों को कवर नहीं करती.
क्रिटिकल हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी में, खुद को पहुंचाई गई चोट, एडवेंचर स्पोर्ट्स या युद्ध में लगी चोटें शामिल नहीं हैं. इसके अलावा, अगर कोई व्यक्ति इलाज के 30 दिनों के भीतर मर जाता है, तो कोई मुआवजा नहीं मिलेगा.

13. 36 गंभीर बीमारियां क्या हैं?

आमतौर पर क्रिटिकल इलनेस प्लान के तहत इन 36 गंभीर बीमारियों/हेल्थ कंडीशन्स को कवर किया जाता है:
1. किडनी फेल होना
2. कैंसर
3. हार्ट अटैक
4. स्ट्रोक
5. मल्टीपल स्क्लेरोसिस
6. पार्किंसंस रोग
7. मरणांतक बीमारी
8. कोमा
9. इनसेफलाइटिस
10. गंभीर एड्स
11. फेफड़ों के क्रॉनिक रोग
12. पोलियो
13. मोटर-न्यूरॉन रोग
14. मसल डिस्ट्रोफी
15. कैंसर रहित ब्रेन ट्यूमर
16. क्रॉनिक लिवर रोग
17. अल्ज़ाइमर की बीमारी
18. लैप्रोटोमी या थोरैसोटोमी द्वारा हुई एओर्टा की सर्जरी
19. सिर में लगी भारी चोट
20. अपैलिक सिंड्रोम
21. बैक्टीरियल मैनिंजाइटिस
22. स्थायी रूप से बोलने की शक्ति खोना
23. पैराप्लेजिया
24. क्रेनियोटोमी या दिमाग की सर्जरी
25. अगर पीड़ित व्यक्ति को खून देने के दौरान संक्रमित खून प्राप्त होने से एड्स हुआ हो
26. क्रॉनिक परसिस्टेंट बोन मैरो फेलियर के कारण हुआ एनीमिया (खून की कमी)
27. शरीर पर कम से कम 20% सतह पर होने वाले थर्ड-डिग्री बर्न
28. स्थायी या संपूर्ण बहरापन
29. हृदय, किडनी, फेफड़े, लिवर या अस्थि मज्जा जैसे प्रमुख अंगों का ट्रांसप्लांट
30. शरीर में असामान्यता या विकार के कारण हार्ट वाल्व रिप्लेसमेंट
31. स्थायी या पूर्ण अंधापन
32. दूषित खून से हुए संपर्क या किसी चोट के कारण मेडिकल स्टाफ हो हुआ एड्स
33. फुल्मिनेंट वायरल हेपेटाइटिस एक वायरस के कारण होने वाले लिवर का बहुत बड़ा नेक्रोसिस है जिससे लिवर फेल हो सकता है
34. तीन प्रमुख धमनियों (सर्कमफ्लेक्स, आरसीए, एलएडी) के लुमेन की संकीर्णता के कारण हुए विभिन्न अन्य गंभीर कोरोनरी हृदय रोग
35. प्राइमरी पलमोनरी आर्टेरियल हाइपरटेंशन
36. मेड्यूलरी सिस्टिक रोग

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