फॉर्म 15जी और फॉर्म 15एच के बारे में विस्तृत जानकारी

2 मिनट का आर्टिकल

फिक्स्ड ब्याज दरों और आकर्षक रिटर्न के साथ, अधिकांश इन्वेस्टर के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट सबसे पसंदीदा इन्वेस्टमेंट विकल्पों में से एक है. यह आपको 7.75% प्रति वर्ष तक ब्याज अर्जित करने में मदद करता है. अगर आपकी आयु 60 वर्ष से कम है और आप वर्ष में फिक्स्ड डिपॉजिट से रु. 40,000 से अधिक ब्याज अर्जित करते हैं, और सीनियर सिटीज़न अगर रु. 50,000 से अधिक ब्याज अर्जित करते हैं, तो आप अपने ब्याज पर टैक्स कटौती के लिए पात्र हैं.

अगर आपकी कुल आय टैक्सेबल लिमिट से कम है, तो आप अपनी आय पर टीडीएस कटौती से बचने के लिए फॉर्म 15G और 15H सबमिट कर सकते हैं. ये दोनों स्व-घोषणा फॉर्म हैं, जिन्हें आपको फिक्स्ड डिपॉजिट खोलते समय सबमिट करना होता है. फॉर्म 15G, हिंदू अविभाजित परिवारों (एचयूएफ) के अंतर्गत आने वाले 60 वर्ष से कम उम्र के व्यक्तियों के लिए है, वहीं फॉर्म 15H, 60 वर्ष या उससे अधिक के सभी लोगों के लिए है.

फॉर्म 15जी क्या है

जिन व्यक्तियों की कुल आय पर कोई टैक्स देय नहीं है, उन्हें टैक्स कटौती के बिना निश्चित राशि प्राप्त करने के लिए, इनकम टैक्स एक्ट 1961 के सेक्शन 197A के सब-सेक्शन (1) और (1A) के अंतर्गत एक घोषणा फॉर्म-15G दाखिल करना होगा. फिक्स्ड डिपॉजिट पर ब्याज के भुगतान से पहले, 65 वर्ष से कम आयु या हिंदू अविभाजित परिवार (एचयूएफ) का कोई भी व्यक्ति फॉर्म 15G भर सकता है. यह उन सभी संस्थानों में जमा किया जाना चाहिए, जो आपसे ब्याज प्राप्त करेंगे.

फॉर्म 15एच क्या है

65 और उससे अधिक की आयु वाले व्यक्ति टैक्स भुगतान किए बिना, निश्चित राशि प्राप्त करने के लिए, इनकम टैक्स एक्ट, 1961 के सेक्शन 197A के सब-सेक्शन (1C) के तहत घोषणा करने के लिए फॉर्म 15H का उपयोग कर सकते हैं. टीडीएस कटौती से बचने के लिए, इसे पहले ब्याज भुगतान से पहले सबमिट करना होगा.

फॉर्म 15H केवल उन सभी संस्थानों में दाखिल किया जा सकता है, जिनसे आप ब्याज प्राप्त करते हैं, जैसे प्रत्येक बैंक की ब्रांच, जिसके माध्यम से आपको ब्याज मिलता है.

अगर आपको किसी एक ब्रांच से प्रति वर्ष रु. 10,000 से अधिक का ब्याज प्राप्त हो रहा है, या अगर डिपॉजिट के अतिरिक्त किसी भी अन्य स्रोत, जैसे लोन, एडवांस, डिबेंचर, बॉन्ड आदि पर ब्याज से होने वाली आय रु. 5,000 या उससे अधिक हो जाती है, तो आपको फॉर्म 15H अवश्य भरना चाहिए.

फॉर्म 15जी या फॉर्म 15एच कैसे भरें

एक बार जब आप 15G और 15H फॉर्म की आवश्यक शर्तों को पूरा कर लेते हैं, तो आप उन्हें भरना शुरू कर सकते हैं. यहां आपके द्वारा लिए जाने वाले कदम दिए गए हैं

  1. फॉर्म 15G और फॉर्म 15H में अलग-अलग स्थान भरें
  2. घोषणा के साथ अपने PAN की कॉपी संलग्न करें
  3. अपने फाइनेंसर के पास फॉर्म सबमिट करें

लंबी लाइन और मुश्किल प्रोसेस से बचने के लिए, आप ऑनलाइन इन फॉर्म को भर सकते हैं. फॉर्म 15जी और 15एच, दोनों ही 1 वर्ष के लिए मान्य हैं और वर्ष के शुरू में आपके फाइनेंसर के पास जमा किया जाना चाहिए. आपको यह सुनिश्चित करना होगा कि आपका फाइनेंसर फॉर्म जमा करने से पहले टैक्स नहीं काटे, क्योंकि बैंक इसे रिफंड नहीं करता है. अपने पैसे वापस पाने के लिए, आपको अपना itr दाखिल करना होगा और अपनी tds राशि का रिफंड क्लेम करना होगा.

फॉर्म 15जी और 15एच कौन सबमिट कर सकता है?

फॉर्म 15जी और फॉर्म 15एच के बीच अंतर

फॉर्म 15G

फॉर्म 15H

निवासी व्यक्ति, एचयूएफ, ट्रस्ट या कोई अन्य निर्धारिती, लेकिन कंपनी या फर्म नहीं, साथ ही आयु 60 वर्ष से कम

सीनियर सिटीज़न

कुल आय पर कैलकुलेट किया गया टैक्स है 0

कुल आय पर कैलकुलेट किया गया टैक्स है 0

वर्ष के दौरान ब्याज़ से होने वाली कुल आय उस वर्ष की छूट की बेसिक लिमिट से कम है, जो फाइनेंशियल वर्ष 2020-21 (एवाई 2021-22) के लिए रु. 2.5 लाख है

 

कृपया ध्यान दें कि नॉन-रेजिडेंट फॉर्म 15G और 15H के लाभ क्लेम नहीं कर सकते हैं

 

फिक्स्ड डिपॉजिट पर टीडीएस के बारे में यहां जानें

फॉर्म 15जी और फॉर्म 15एच के पीडीएफ कैसे डाउनलोड करें

फॉर्म 15G या फॉर्म 15H डाउनलोड करने के लिए, आपको निम्न लिखित कार्य करना है

  1. इनकम टैक्स विभाग की वेबसाइट पर जाएं.
  2. ‘अक्सर उपयोग किए जाने वाले फॉर्म’ में जाकर, अपनी आवश्यकतानुसार फॉर्म 15G या फॉर्म 15H खोजें.
  3. इसके बाद PDF आइकन पर क्लिक करें और फॉर्म डाउनलोड करें.
  4. फॉर्म डाउनलोड करने के बाद उसकी 3 कॉपी तैयार करें और प्रिंट करें. इन प्रिंट किए गए डॉक्यूमेंट पर हस्ताक्षर करें और उसे फाइनेंसर के पास सबमिट करें.

अगर पात्र हों तो फिक्स्ड डिपॉजिट पर अपना टीडीएस बचाने के लिए बजाज फिनसर्व कस्टमर पोर्टल का उपयोग करें.

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सामान्य प्रश्न

मैं सेंट्रल केवाईसी रजिस्ट्री फॉर्म कैसे भरूं?

सेंट्रल केवाईसी, या सीकेवाईसी, भारत में तेज़ी से लोकप्रिय हो रहा है, इसीलिए RBI, SEBI, IRDA, या PFRDA द्वारा लाइसेंस प्राप्त फाइनेंशियल संस्थान, जैसे बैंक, इंश्योरेंस कंपनियां, म्यूचुअल फंड, स्टॉक ब्रोकर और एनबीएफसी, सेंट्रल केवाईसी प्रोसेस को पूरा करने में मदद करते हैं. सीकेवाईसी फॉर्म को उचित रूप से सबमिट करने के लिए, उसके साथ संबंधित डॉक्यूमेंट की फोटोकॉपी को संलग्न किया जाना चाहिए. इसके बाद, फॉर्म और डॉक्यूमेंट की फिज़िकल रूप से जांच की जानी चाहिए और सत्यापित किया जाना चाहिए. इसका स्वयं सत्यापन (आईपीवी) करना आवश्यक होता है.
जब एनआरआई (नॉन-रेजिडेंट इंडियन) इन्वेस्टर भारत आते हैं, तो वे केवाईसी डॉक्यूमेंट को सत्यापित करने और स्वयं सत्यापन (आईपीवी) करने के लिए अधिकृत होते हैं. अपना केवाईसी फॉर्म सबमिट करते समय, उन्हें अपनी एनआरआई स्टेटस को प्रमाणित करना होगा.

क्या एससीएसएस के लिए फॉर्म 15एच लागू है?

फॉर्म 15H एक स्व-घोषणा है, जिसे 60 वर्ष और उससे अधिक की आयु वाले बुज़ुर्ग नागरिक, फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) और रिकरिंग डिपॉजिट (आरडी) एसेट से अर्जित ब्याज पर टीडीएस (स्रोत पर टैक्स कटौती) को कम करने के लिए दाखिल कर सकते हैं.