आगामी इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (आईपीओ) के लिए अप्लाई करने के लाभ

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    केवल कुछ मिनटों में 100% पेपरलेस प्रोसेस के माध्यम से शून्य* शुल्क पर डीमैट और ट्रेडिंग अकाउंट खोलें.

  • Easy apply through UPI
    यूपीआई के माध्यम से आसानी से अप्लाई करें
    अपनी यूपीआई आईडी का उपयोग करके अप्लाई करें; किसी डॉक्यूमेंट या बैंक विवरण की आवश्यकता नहीं है.
  • Instant form fill
    तुरंत फॉर्म भरें
    बीएफएसएल अकाउंट धारक तुरंत अप्लाई कर सकते हैं क्योंकि उनके विवरण आईपीओ एप्लीकेशन फॉर्म में पहले से भर दिए जाते हैं.

आईपीओ का अर्थ है इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (आईपीओ), जब किसी निजी स्वामित्व वाली कंपनी के शेयर पहली बार जनता को बिक्री के लिए उपलब्ध कराए जाते हैं. यह कंपनियों के लिए अपने विभिन्न बिज़नेस ऑपरेशन या बिज़नेस विस्तार के लिए पैसे जुटाने का एक माध्यम है. निवेशक आईपीओ के समय बिडिंग के माध्यम से सीधे जारीकर्ता कंपनी से शेयर खरीदते हैं. इनिशियल ऑफरिंग के बाद, शेयर सेकंडरी मार्केट (स्टॉक एक्सचेंज) में सूचीबद्ध हो जाते हैं और इन्वेस्टर द्वारा ट्रेड किए जा सकते हैं.

*शर्तें लागू

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आईपीओ में इन्वेस्ट कैसे करें

बजाज फाइनेंशियल सिक्योरिटीज़ लिमिटेड के साथ, आप अपनी यूपीआई आईडी का उपयोग करके आईपीओ के लिए अप्लाई कर सकते हैं. आईपीओ में इन्वेस्ट करने के चरण इस प्रकार हैं

  1. 1 बजाज फिनसर्व सिक्योरिटीज़ की वेबसाइट पर जाएं और देखें कि किन-किन कंपनियों के आईपीओ खुले हैं
  2. 2 'ऑनलाइन अप्लाई करें' पर क्लिक करें'
  3. 3 आगे बढ़ने के लिए अपना पैन कार्ड नंबर और मोबाइल नंबर दर्ज करें
  4. 4 अगर आपके पास बीएफएसएल के साथ कोई अकाउंट है, तो सभी विवरण पहले से भर दिए जाएंगे. बस लॉट साइज़ चुनें और यूपीआई आईडी दर्ज करें
  5. 5 अपनी एप्लीकेशन सबमिट करें
  6. 6 अपनी यूपीआई ऐप खोलें और ब्लॉक मैंडेट अनुरोध अप्रूव करें. आईपीओ में लगाई गई राशि आपके बैंक अकाउंट में ब्लॉक कर दी जाएगी

ध्यान दें:

  • ब्लॉक मैंडेट को अप्रूव करना अनिवार्य है अन्यथा आपकी आईपीओ एप्लीकेशन अस्वीकार हो जाएगी
  • कुछ मामलों में, आपकी यूपीआई ऐप पर अनुरोध दिखाई देने में कुछ देरी हो सकती है

सामान्य प्रश्न

आईपीओ का क्या अर्थ है?

आईपीओ का अर्थ है इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग. आईपीओ में, एक प्राइवेट कंपनी अपने बिज़नेस के संचलन या विस्तार के लिए पूंजी जुटाने के लिए, अपने शेयर्स को पहली बार सामान्य जनता को बेचती है.

क्या आईपीओ के लिए अप्लाई करने के लिए डीमैट अकाउंट आवश्यक है?

हां, आपको आईपीओ के लिए अप्लाई करने के लिए डीमैट अकाउंट की आवश्यकता है. डीमैट अकाउंट डिजिटल रूप से खरीदे गए शेयर्स को स्टोर करता है. आईपीओ के लिए अप्लाई करते समय आपको डीमैट अकाउंट की क्लाइंट आईडी और डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट आईडी (डीपीआईडी) दर्ज करनी होगी.

लॉट साइज़ क्या है?

लॉट साइज़ का अर्थ है शेयरों की वह पूर्वनिर्धारित मात्रा, जिसके अनुसार इन्वेस्टर को आईपीओ में इन्वेस्ट करना होगा. उदाहरण के लिए, अगर किसी आईपीओ का लॉट साइज 30 है, तो आप 30, 60, 90, 120 (और इन्हीं गुणकों में) शेयरों के लिए अप्लाई कर सकते हैं.

क्या मुझे उतने की शेयर्स मिलेंगे जितने मैंने अप्लाई किए हैं?

अगर शेयर ओवर-सब्सक्राइब हो जाता है तो आपको अप्लाई की गई संख्या से कम शेयर मिलेंगे. अगर ऐसा होता है, तो बैंक अकाउंट में ब्लॉक की गई राशि आवंटित शेयरों की सीमा तक डेबिट कर दी जाएगी, और शेष राशि अनब्लॉक हो जाएगी. अगर कोई आवंटन नहीं होता है तो पूरी राशि अनब्लॉक कर दी जाएगी.

आवंटन पर मुझे शेयर कहां मिलेंगे?

आवंटित शेयर आपके आईपीओ एप्लीकेशन फॉर्म में उल्लिखित डीमैट अकाउंट में जमा किए जाएंगे.

एफपीओ क्या है?

एफपीओ फॉलो-ऑन पब्लिक ऑफर है. आईपीओ के विपरीत, स्टॉक एक्सचेंज में पहले से ही सूचीबद्ध कंपनी द्वारा पब्लिक सब्सक्रिप्शन के लिए नए शेयर जारी कर पूंजी जुटाने के लिए एफपीओ जारी किया जाता है.

आईपीओ में इशु प्राइस क्या है?

आईपीओ में प्रत्येक इक्विटी शेयर की प्राइस को इश्यू प्राइस के नाम से जाना जाता है. आईपीओ के दो प्रकार होते हैं : बुक बिल्डिंग आईपीओ और फिक्स्ड प्राइस आईपीओ. बुक बिल्डिंग आईपीओ में, इन्वेस्टर को एक प्राइस रेंज दी जाती है जिसमें उसे बिड करना होता है. फिक्स्ड प्राइस आईपीओ में, जारीकर्ता कंपनी प्रति शेयर प्राइस निर्धारित करती है, और इन्वेस्टर्स केवल उसी प्राइस पर शेयर खरीद सकते हैं.

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