Pradhan Mantri Rozgar Yojana

प्रधानमंत्री रोज़गार योजना क्या है?

प्रधानमंत्री रोज़गार योजना का लाभ कैसे उठाएं

प्रधानमंत्री रोजगार योजना या PMRY केंद्र सरकार की एक पहल है, जिसका उद्देश्य बेरोजगार शिक्षित युवाओं को स्व-रोजगार के अवसर प्रदान करना है. यह स्कीम 1993 में लॉन्च की गई है, जो 10 लाख युवाओं और महिलाओं को बेरोजगार लोन प्रदान करती है.

यह सर्विस, बिज़नेस, निर्माण आदि जैसे सेक्टर्स में उनके बिज़नेस वेंचर शुरू करने में मदद करने के लिए आवश्यक वित्तीय सहायता प्रदान करती है.

प्रधानमंत्री रोज़गार योजना की विशेषताएं

  • मोराटोरियम अवधि पूरी होने के बाद बेरोजगारों के लिए इस लोन की पुनर्भुगतान अवधि 3 से 7 वर्षों के बीच की होती है.
  • यह स्कीम बिज़नेस, सर्विस और इंडस्ट्री सेक्टर्स के लिए क्रमशः ₹2 लाख, ₹5 लाख और ₹5 लाख का प्रोजेक्ट लागत कवरेज प्रदान करती है.
  • इस स्कीम के तहत रु. 1 लाख तक का कोलैटरल-मुक्त लोन उपलब्ध है.
  • यह स्कीम आर्थिक रूप से सभी व्यवहार्य बिज़नेस विकल्पों को कवर करती है, जिनमें कृषि और संबंधित गतिविधियां शामिल हैं. इसमें सीधे कृषि संचालन वाले कार्य शामिल नहीं हैं.
  • यह स्कीम प्रोजेक्ट की लागत का 15% सब्सिडी प्रदान करती है, जो प्रत्येक व्यक्ति के लिए अधिकतम रु. 12,500 है. उत्तर-पूर्वी क्षेत्रों, हिमाचल प्रदेश, उत्तरांचल और जम्मू और कश्मीर के लिए, अधिकतम सब्सिडी रु. 15,000 तक बढ़ाई गई है.
     

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प्रधानमंत्री रोज़गार योजना के लिए पात्रता मानदंड

  • आपकी उम्र 18 से 35 वर्ष के बीच होनी चाहिए और आप बेरोजगार होने चाहिए.
  • आपकी न्यूनतम योग्यता 8th स्टैंडर्ड के बराबर होनी चाहिए.
  • उपलब्ध कराए गए पते का कम से कम 3 वर्षों के लिए स्थाई निवासी होना चाहिए.
  • आपके जीवनसाथी की आय सहित आपके परिवार की आय, न्यूनतम रु. 40,000 और रु. 1 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए.
  • आपको किसी भी राष्ट्रीयकृत वित्तीय संस्थान (नेशनलाइज्ड फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन) द्वारा भुगतान के लिए डिफॉल्ट घोषित नहीं होना चाहिए.
     

PMRY की ऑफिशियल वेबसाइट पर प्रधानमंत्री रोजगार योजना के तहत लोन के लिए अप्लाई करने के लिए इन पात्रताओं को पूरा करें. कई फाइनेंशियल संस्थान बेरोजगार व्यक्तियों को फाइनेंस में आवश्यक सहायता करने के लिए पर्सनल लोन भी प्रदान करते हैं.

यह भी पढ़ें: बिना आय वाले लोग किस तरह से लोन ले सकते हैं?

वैकल्पिक रूप से, आप अपनी रेजिडेंशियल या कमर्शियल प्रॉपर्टी को मॉरगेज़ करके बजाज फिनसर्व से प्रॉपर्टी पर लोन ले सकते हैं. नियमित आय वाले व्यक्तियों के लिए इसकी लिमिट अधिक नहीं होती है, लेकिन आपकी प्रॉपर्टी की हाई मार्केट वैल्यू से आपको काफी राशि प्राप्त हो सकती है.

न्यूनतम डॉक्यूमेंटेशन प्रोसेस और सुविधाजनक पुनर्भुगतान अवधि पर मॉरगेज़ लोन का लाभ उठाएं. अपने मासिक आउटफ्लो का अनुमान लगाने और फाइनेंशियल मैनेजमेंट में सुधार के लिए प्रॉपर्टी लोन EMI कैलकुलेटर का उपयोग करें.

सामान्य प्रश्न

PMRY के लिए अप्लाई करने के क्या चरण हैं?

प्रधानमंत्री रोजगार योजना (PMRY) भारत सरकार की एक प्रमुख योजना है. यह 10 लाख बेरोजगार और शिक्षित युवाओं को स्व-रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए है. भारत में PMRY स्कीम के लिए अप्लाई करना आसान है. एक नजर डालें:

  • ✔️ आपका प्रोजेक्ट फाइनल होने के बाद, आपको एक फॉर्म भरना होगा और संबंधित डॉक्यूमेंट और फोटो अटैच करके इसे सबमिट करना होगा. आपको इसे जिला उद्योग केंद्र (DIC) या उस बैंक में सबमिट करना होगा, जहां से आप लोन की मांग कर रहे हैं.
  • ✔️ आपकी एप्लीकेशन की रिव्यू की जाती है और चुने गए व्यक्तियों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता है. ये सभी जिले में आयोजित किए जाते हैं.
  • ✔️ आप वर्ष के दौरान किसी भी समय लोन के लिए अप्लाई कर सकते हैं.
  • ✔️ सभी जिले में 3 PMRY इंटरव्यू आयोजित किए जाते हैं.
  • ✔️ टास्क फोर्स कमिटी इंटरव्यू आयोजित करती है और लोन के लिए पात्र व्यक्तियों को चुनती है.

क्या SC/ST/OBC उम्मीदवारों के लिए कोई आरक्षण है?

प्रधानमंत्री रोजगार योजना (PMR) को 1993 से लागू किया गया है. PMRY एक स्कीम है, जिसे स्थायी स्व-रोजगार का अवसर प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है. यह भारत के 1 मिलियन शिक्षित और बेरोजगार युवाओं के लिए है.

इसमें कमजोर वर्ग और महिलाओं को प्राथमिकता दी जाती है. इस स्कीम में SC/ST के लिए 22.5% और OBC के लिए 27% रिजर्वेशन होता है. अगर SC/ST और अन्य पिछड़े वर्ग, PMRY योजना के तहत आवेदन करने के लिए उपलब्ध नहीं हैं, तो राज्य और केंद्रशासित प्रदेशों अन्य एप्लीकेंट की कैटेगरी पर विचार कर सकते हैं. अगर आप प्लान के लिए पात्र हैं, तो आप प्रधानमंत्री रोजगार योजना के लिए ऑनलाइन भी अप्लाई कर सकते हैं.

PMRY स्कीम में किस प्रकार की ट्रेनिंग दी जाएगी?

प्रधानमंत्री रोजगार योजना (PMRY) केंद्र सरकार की एक आकर्षक स्कीम है. इसका उद्देश्य 10 लाख शिक्षित बेरोजगार युवाओं को स्थायी स्व-रोजगार के अवसर प्रदान करना है.

PMRY के तहत चुने गए उम्मीदवारों को ट्रेनिंग के लिए बुलाया जाता है और ट्रेनिंग के बाद सर्टिफिकेट दिए जाते हैं. लोन की स्वीकृति के लिए बैंक में सर्टिफिकेट देना होता है.

इंडस्ट्रियल सेक्टर के लिए, ट्रेनिंग पर प्रति केस अधिकतम रु. 1,000 है. प्रति केस ₹500 का स्टाइपेंड दिया जाता है. आकस्मिकता के लिए प्रति केस ₹250 का फंड लागू होता है. यह राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों द्वारा मंजूर किया जाता है.

प्रधानमंत्री रोज़गार योजना के लिए पुनर्भुगतान कैसे करें?

प्रधानमंत्री रोजगार योजना (PMRY) की स्कीम केंद्र सरकार द्वारा संभावित स्थायी स्व-रोजगार का अवसर प्रदान करने के लिए शुरू की गई है. यह भारत में 10 लाख शिक्षित बेरोजगार युवाओं और महिलाओं को दिया जाता है.

अगर आप भारत में अपना खुद का बिज़नेस शुरू करना चाहते हैं, तो आप फाइनेंशियल सहायता प्राप्त कर सकते हैं. यह निर्माण, बिज़नेस और सर्विस सेक्टर्स में प्रदान किया जाता है.

भारत में प्रधानमंत्री रोजगार योजना के तहत लिए गए फंड के लिए आपको EMI में पुनर्भुगतान करना होता है. PMRY का पुनर्भुगतान शिड्यूल 3 वर्ष से 7 वर्ष तक होता है. यह शुरुआती मोरेटोरियम अवधि समाप्त होने के बाद शुरू होता है.

PMRY के लाभ क्या हैं?

प्रधानमंत्री रोजगार योजना (PMRY) केंद्र सरकार की आकर्षक योजनाओं में से एक है. यह भारत में 10 लाख शिक्षित बेरोजगार युवाओं और महिलाओं को स्थायी स्व-रोजगार के अवसर प्रदान करता है.
PMRY के तहत कई लाभ प्राप्त होते हैं, जैसे:

  • ✔️ बिज़नेस सेक्टर के लिए प्रोजेक्ट की लागत रु. 1 लाख और अन्य क्षेत्रों के लिए रु. 2 लाख है.
  • ✔️ सब्सिडी प्रोजेक्ट की लागत के 15% तक सीमित है (इसकी लिमिट रु. 7,500 तक है).
  • ✔️ आपको रु. 1 लाख तक के प्रोजेक्ट के लिए कोई कोलैटरल प्रदान करने की आवश्यकता नहीं है.
  • ✔️ पार्टनरशिप प्रोजेक्ट्स के लिए, प्रोजेक्ट में भाग लेने वाले प्रति व्यक्ति रु. 1 लाख तक की छूट है.
  • ✔️ PMRY के तहत पुनर्भुगतान अवधि 3-7 वर्ष है और यह मोराटोरियम अवधि खत्म होने के बाद है.
  • ✔️ ट्रेनिंग में प्रति व्यक्ति खर्च ₹2,000 के भीतर है.

PMRPY क्या है?

प्रधानमंत्री रोजगार प्रोत्साहन योजना या PMRPY स्कीम नियोक्ताओं को नए रोजगार उत्पन्न करने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए शुरू की गई है, जहां भारत सरकार नए कर्मचारियों के लिए उनकी नौकरी के पहले तीन वर्षों के लिए नियोक्ताओं के कर्मचारी पेंशन स्कीम का 8.33 प्रतिशत का भुगतान करेगी. इस स्कीम का लाभ उठाने के लिए, कर्मचारियों को कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानि EPFO के साथ रजिस्टर होना चाहिए. यह स्कीम अगस्त 2016 में शुरू की गई है. इसमें ऐसे कर्मचारियों को लक्षित किया गया है जिनकी मासिक आय ₹ 15000 से कम है. इन कर्मचारियों को संगठित क्षेत्र के सामाजिक सुरक्षा लाभ प्राप्त होते हैं.