दिल्ली में प्रॉपर्टी टैक्स: ओवरव्यू

दिल्ली में प्रॉपर्टी टैक्स की गणना वार्षिक वैल्यू विधि के अनुसार की जाती है. दिल्ली को A से H तक 8 विभिन्न कैटेगरी में बांटा गया है. 3 नगरपालिका कॉर्पोरेशन, जैसे कि उत्तरी दिल्ली नगरपालिका कॉर्पोरेशन या NDMC, दक्षिणी दिल्ली नगरपालिका कॉर्पोरेशन या SDMC, और पूर्वी दिल्ली नगरपालिका कॉर्पोरेशन या EDMC, इन क्षेत्रों से प्रॉपर्टी टैक्स प्राप्त करने के लिए जिम्मेदार हैं.

दिल्ली में प्रॉपर्टी या हाउस टैक्स की गणना, टैक्स की दर से गुणा की गई प्रॉपर्टी के वार्षिक मूल्य के आधार पर की जाती है. आप अपने प्रॉपर्टी टैक्स का ऑनलाइन भुगतान कर सकते हैं क्योंकि दिल्ली नगरपालिका देश के चुनिंदा संस्थानों में से है जो यह सुविधा प्रदान करती है.

  • कैटेगरी A के लिए – रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी पर 12% टैक्स, कमर्शियल पर 20%, और इंडस्ट्रियल प्रॉपर्टी पर 15% टैक्स.
  • कैटेगरी B के लिए – कैटेगरी A के समान.
  • कैटेगरी C के लिए – 11% हाउस टैक्स, कमर्शियल प्रॉपर्टी पर 20% टैक्स, और इंडस्ट्रियल प्रॉपर्टी पर 12% टैक्स.
  • कैटेगरी D के लिए – कैटेगरी C के समान.
  • कैटेगरी E के लिए – कैटेगरी C के समान.
  • कैटेगरी F के लिए – रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी पर 7% म्युनिसिपल टैक्स, कमर्शियल प्रॉपर्टी पर 20% टैक्स, और इंडस्ट्रियल प्रॉपर्टी पर 10% टैक्स.
  • कैटेगरी G के लिए – कैटेगरी F के समान.
  • कैटेगरी H के लिए – कैटेगरी F के समान

ये दरें EDMC, SDMC और NDMC प्रॉपर्टी टैक्स के रूप में लागू हैं.

कुल टैक्स योग्य राशि कुछ अन्य कारकों पर भी निर्भर करती है, जिसमें शामिल हैं –

  • यूनिट एरिया वैल्यू – किसी विशेष प्रॉपर्टी के लिए बनाए गए हर स्क्वेयर मीटर के लिए एक निर्धारित वैल्यू.
  • प्रॉपर्टी का यूनिट एरिया – वर्ग मीटर में बिल्ट-अप एरिया. दिल्ली में नगरपालिका टैक्स सहित EDMC प्रॉपर्टी टैक्स की गणना प्रॉपर्टी के कार्पेट एरिया के बजाय निर्मित क्षेत्र के आधार पर की जाती है.
  • आयु – आमतौर पर, नई बनने वाली प्रॉपर्टी पर उच्च टैक्स लगता है, क्योंकि उनकी मार्केट वैल्यू उच्च होती है.
  • उपयोग से जुड़े कारक – नॉन-रेजिडेंशियल यूनिट की तुलना में आवासीय प्रॉपर्टी पर आपको कम टैक्स का भुगतान करना होगा. जमीन की बिक्री पर इनकम टैक्स का भुगतान करते समय भी यह भिन्न हो सकता है.
  • ऑक्युपेंसी से जुड़ा कारक – स्व-व्यवसायी व्यक्तियों की बजाय किराए की आय पर अधिक टैक्स का भुगतान करना होता है, क्योंकि यह आय के अतिरिक्त स्रोत के रूप में कार्य करता है.
  • संरचना – आमतौर पर, RCC (रीइनफोर्स्ड सीमेंट कॉन्क्रीट) निर्माण पर, कम कीमत वाले निर्माण की तुलना में उच्च टैक्स लगता है.

यह दिल्ली में मौजूदा प्रॉपर्टी टैक्स दर की संक्षिप्त ओवरव्यू (जानकारी) है. समय पर आवश्यक टैक्स का भुगतान करना याद रखें और अगर आप प्रॉपर्टी पर लोन टैक्स छूट जैसे टैक्स लाभ प्राप्त करना चाहते हैं, तो भविष्य में इस्तेमाल के लिए रसीद को संभालकर रखें

दिल्ली में प्रॉपर्टी टैक्स का ऑनलाइन भुगतान करने के दिशानिर्देश

प्रॉपर्टी टैक्स, दिल्ली के नगरपालिका निगम द्वारा लगाया जाता है और इसे इकट्ठा किया जाता है. यह कुछ नगरपालिका निकायों में से एक है, जो ऑनलाइन प्रॉपर्टी टैक्स का भुगतान करने की सुविधा देता है.

ऑनलाइन प्रोसेस, सरल और सुव्यवस्थित है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि करदाता कम से कम समय में प्रोसेस पूरी करने में सक्षम होगा. आइए देखें कि दिल्ली में घर या लैंड टैक्स ऑनलाइन कैसे फाइल किया जा सकता है.

चरण 1 – दिल्ली के नगर निगम की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं और अपना संबंधित क्षेत्र चुनें.

चरण 2 – दिल्ली में हाउस टैक्स का भुगतान करने की प्रक्रिया जारी रखने के लिए "प्रॉपर्टी टैक्स" टैब में प्रॉपर्टी टैक्स रिटर्न की ऑनलाइन फाइलिंग" का विकल्प चुनें. आप नियम और शर्तों के पेज पर पहुंच जाएंगे; पूरी तरह से विवरण देखें और "प्रॉपर्टी टैक्स फाइल करने के लिए यहां क्लिक करें" चुनकर प्रक्रिया जारी रखें

चरण 3 – वेबसाइट पर निर्धारित जगह पर आपको अपनी प्रॉपर्टी का ID और सही जानकारी दर्ज़ करना होगा. अगर आपके पास प्रॉपर्टी ID नहीं है, तो "प्रॉपर्टी ID पहले आवंटित नहीं की गई है, अपना रिटर्न फाइल करने के लिए यहां क्लिक करें" विकल्प चुनें

चरण 4 – आपको प्रॉपर्टी के कुछ विवरण अपडेट करने होंगे, जैसे –

  • मालिकाना हक का विवरण – लेज़र फोलियो नंबर, मालिकाना हक का प्रकार, और प्रॉपर्टी के प्रकार से संबंधित जानकारी.
  • प्रॉपर्टी का विवरण – हाउसिंग कॉलोनी का विवरण (अगर कोई हो), प्रॉपर्टी नंबर, और पूरा एड्रेस.
  • संपर्क जानकारी – आपका फोन नंबर, ईमेल एड्रेस और बैंक विवरण सहित अन्य संपर्क जानकारी.
  • विवरण और टैक्स की गणना करना – आपको अपनी प्रॉपर्टी के अन्य सभी विवरण दर्ज़ करने होंगे, जो ऑनलाइन नगरपालिका टैक्स की गणना करने के लिए आवश्यक होगी. इसमें शामिल हैं - फ्लोर नंबर, कवर किए गए क्षेत्र, उपयोग का उद्देश्य, संरचना, अधिवास, निर्माण का वर्ष, छूट की कैटेगरी आदि.

चरण 5 – पिछले सभी बकायों (अगर कोई हो) का विवरण दर्ज़ करें, जिसे अभी तक सबमिट नहीं किया गया है.

चरण 6 – सभी विवरण को ध्यान से देखें और विधिवत भरे हुए फॉर्म को सबमिट करने के लिए "स्वीकार करें" पर क्लिक करें.
सबमिट करने और भुगतान करने के बाद, आप दिल्ली में अपना प्रॉपर्टी टैक्स डाउनलोड कर सकेंगे. टैक्स बिल को सेव करना याद रखें, क्योंकि अगर आप सेक्योर्ड लोन के लिए अप्लाई करते हैं और प्रॉपर्टी पर लोन लेना चाहते हैं, तो आपको यह डॉक्यूमेंट प्रदान करना होगा.

दिल्ली में सभी ज़मीनों और इमारतों पर हाउस टैक्स लगाया जाता है. दिल्ली में हाउस टैक्स की दर परिषद द्वारा हर साल निर्धारित की जाती है.

FAQ

दिल्ली में हाउस टैक्स की गणना कैसे करें?

दिल्ली में हाउस टैक्स की गणना करने के लिए, दिल्ली सरकार ने यूनिट एरिया सिस्टम निर्धारित किया है.

हाउस टैक्स=वार्षिक वैल्यू x टैक्स की दर

वार्षिक वैल्यू = यूनिट एरिया वैल्यू x प्रॉपर्टी की यूनिट एरिया x स्ट्रक्चर फैक्टर x ऑक्यूपेंसी फैक्टर x आयु फैक्टर x उपयोग फैक्टर x

टैक्स की दर = MCD प्रॉपर्टी टैक्स की आधिकारिक वेबसाइट पर लागू हाउस टैक्स दर देखें.