रेपो रेट क्या है?

2 मिनट का आर्टिकल

रेपो दर वह ब्याज दर है जिस पर देश का केंद्रीय बैंक अर्थव्यवस्था के लिए कई राजकोषीय लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए मान्यता प्राप्त वाणिज्यिक बैंक को पैसे देता है. 'रेपो' शब्द री-परचेज़ विकल्प या एग्रीमेंट को दर्शाता है. वित्तीय बाजार में उपकरण के रूप में इस्तेमाल किया जाने वाला यह अर्थव्यवस्था में विशिष्ट ऋण उपकरणों के कोलैटरल के माध्यम से उधार लेने की सुविधा प्रदान करता है.

इनमें सरकारी बॉन्ड्स, खजाना बिल और लाइक शामिल हैं. भारतीय मनी मार्केट के संदर्भ में, रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) इस दर पर कमर्शियल फाइनेंशियल संस्थानों को पैसे देता है, जो चल रही नीतियों के अनुसार बदलाव के अधीन है. भारत के सभी कमर्शियल लेंडर फंड की कमी के दौरान आरबीआई से संपर्क कर सकते हैं और कोलैटरल के रूप में सरकारी बॉन्ड्स के डिपॉजिट पर निश्चित अवधि के लिए पैसे उधार ले सकते हैं.

 उधारकर्ता के रूप में, ये फाइनेंशियल संस्थान लागू रेपो रेट के अनुसार आरबीआई को ब्याज़ का भुगतान करते हैं. अवधि के अंत में, वे पहले से निर्धारित कीमत का पुनर्भुगतान करके आरबीआई से इन बॉन्ड को री-पर्चेज कर सकते हैं. मौद्रिक उपकरण के रूप में, रेपो दर मुख्य रूप से अन्य मौद्रिक आवश्यकताओं को पूरा करने के अलावा महंगाई को चेक करने के लिए कार्य करती है.

इसके अलावा, दर समय-समय पर बदल सकती है और यह बदलाव अन्य दरों जैसे होम लोन की ब्याज़ दर, बैंक डिपॉजिट पर दरें आदि को प्रभावित करता है. वर्तमान रेपो दर के संबंध में आरबीआई गवर्नर की अध्यक्षता में मौद्रिक नीति परिषद (MPC) बैठक द्वारा निर्णय लिया जाता है. इसलिए, अगर आप होम लोन या रेपो रेट से जुड़े किसी अन्य इंस्ट्रूमेंट के लिए मार्केट में हैं, तो सूचित निर्णय लेने के लिए संभावित बदलाव के बारे में जानकारी पाएं.

मौजूदा रेपो रेट

पिछले पांच वर्षों की मौद्रिक नीतियों के अनुसार, रेपो दरें 28 जनवरी 2014 से 2 अगस्त 2017 के बीच कम हो गई हैं. रेपो दरें 2 अगस्त 2017 से 1 अगस्त 2018 के बीच दो बार बढ़ गई हैं. इस प्रकार मौजूदा रेपो दर 4.40% है, जो 28 जनवरी 2014 से सबसे कम है.

अंतिम अपडेट

रेटिंग दें

6 अगस्त 2020

4%

22 मई 2020

4%

27 मार्च 2020

4.40%

6 फरवरी 2020

5.15%

5 दिसंबर 2019

5.15%

10 अक्टूबर 2019

5.15%

7 अगस्त 2019

5.40%

6 जून 2019

5.75%

4 अप्रैल 2019

6.00%

7 फरवरी 2019

6.25%

1 अगस्त 2018

6.50%

6 जून 2018

6.25%

2nd अगस्त 2017

6.00%

4 अक्टूबर 2016

6.25%

5 अप्रैल 2016

6.50%

29th सितंबर 2015

6.75%

2nd जून 2015

7.25%

4 मार्च 2015

7.50%

15 जनवरी 2015

7.75%

28 जनवरी 2014

8.00%

अधिक पढ़ें कम पढ़ें