हाउसिंग लोन पर ब्याज दर की गणना कैसे करें?

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बिना किसी गलती के और आसान तरीके से होम लोन पर देय ब्याज की गणना करने के लिए, बजाज फिनसर्व होम लोन ईएमआई कैलकुलेटर का उपयोग करें. परिणाम प्राप्त करने के लिए, आपको केवल लोन का विवरण, जैसे होम लोन की ब्याज दर, मूलधन राशि और अवधि आदि को दर्ज करना होगा.

जब आप इन विवरणों को सही तरीके से दर्ज करते हैं, तो आप कुल ईएमआई वैल्यू, कुल देय लोन राशि और लोन के लिए देय कुल ब्याज़ का पता लगा सकते हैं.

जब होम लोन की बात आती है, तो समझदारी से उधार लेने के लिए यह जानकारी आवश्यक है. देय ब्याज की जानकारी के साथ, आप लोन की लागत का बेहतर तरीके से आकलन कर सकते हैं और यह तय कर सकते हैं कि यह लोन आपके लिए किफायती है या नहीं. यही कारण है कि हाउसिंग लोन ईएमआई कैलकुलेटर होम लोन एप्लीकेशन प्रोसेस का एक आवश्यक हिस्सा है, क्योंकि यह आपको सटीक जानकारी के आधार पर प्लान करने में मदद करता है. इसके अलावा, अपने लोन को प्लान करते समय, यह होम लोन की ब्याज दरों को प्रभावित करने वाले कारकों को जानने में मदद करता है. इन कारकों में शामिल हैं- RBI की पॉलिसी और पैसे की आपूर्ति, लेकिन पर्सनल रूप से, आपकी क्रेडिट रेटिंग आपको प्रदान की गई दर में विशेष भूमिका निभाती है. उच्च क्रेडिट स्कोर आपको रियायती दर या बेहतर लोन डील प्राप्त करने में मदद कर सकता है.

होम लोन ब्याज़ दरों को प्रभावित करने वाले कुछ कारक इस प्रकार हैं:

  • आरबीआई पॉलिसी: आरबीआई पॉलिसी में कोई भी बदलाव आपके होम लोन की ब्याज़ दर में बदलाव लाएगा. उदाहरण के लिए, एमसीएलआर प्रणाली के हालिया परिचय के बाद, अब आप एक तिथि (आमतौर पर प्रत्येक 6 महीने या एक वर्ष) निर्धारित कर सकते हैं, जिस बिंदु पर आपकी ब्याज़ दर रीसेट हो जाएगी. इससे ब्याज़ दरों के गिरने पर आपको तुरंत लाभ मिलता है.
     
  • क्रेडिट रेटिंग: आपकी क्रेडिट रेटिंग आपकी क्रेडिट योग्यता निर्धारित करती है. अगर आप का स्कोर अच्छा है, तो आपको अच्छा उधारकर्ता माना जाता है, और हो सकता है कि आपको कम ब्याज़ दरों पर लोन दे दिया जाए. इसी प्रकार से, अगर आपका क्रेडिट स्कोर कम है तो आपको अधिक जोखिम वाला कस्टमर माना जाता है और इस कारण से लोन लेने के लिए आपको ब्याज़ की ऊंची दरें देनी पड़ सकती है.
     
  • पैसे की आपूर्ति: जब फाइनेंशियल संस्थानों के पास उधार देने के लिए अधिक पैसा होता है, जैसा कि डिमोनेटाइज़ेशन के बाद हुआ था, तब वे कम ब्याज दरों पर हाउसिंग लोन ऑफर करते हैं. हालांकि, अर्थव्यवस्था में पैसे की कमी होने पर, वे स्वीकृति मिलने पर उच्च ब्याज दर ऑफर कर सकते हैं. साथ ही, जब लोन की मांग ज़्यादा हो, तब ब्याज दरें भी ज़्यादा होती है और इसके विपरीत जब लोन की मांग कम हो तब ब्याज दरें भी कम हो जाती है.

हाउसिंग लोन पर ब्याज की गणना कैसे करें?

अपने लोन की ब्याज़ दर की गणना करने के लिए आप इस आसान से फॉर्मूले का उपयोग कर सकते हैं.

EMI= [P x R x (1+R)/\N]/ [(1+R)/\N-1]

इस फॉर्मूला 'P' में मूलधन का प्रतिनिधित्व करता है, N मासिक किश्तों की संख्या है और R मासिक आधार पर ब्याज़ दर है. चूंकि इसकी खुद से गणना करना कठिन हो सकता है और उसमे गलती की संभावनाएं भी हो सकती हैं, तो आप होम लोन इंटरेस्ट कैलकुलेटर का उपयोग कर के आपके होम लोन के ब्याज़ दर की गणना आसानी से कर सकते हैं.

बजाज फिनसर्व सहित अधिकांश लेंडर, अपनी वेबसाइट पर होम लोन ईएमआई कैलकुलेटर प्रदान करते हैं. इस आसान टूल में आप मूल राशि, ब्याज़ दर और अवधि डालें। आप इन राशि को एडजस्ट कर सकते हैं और अपनी EMI वैल्यू देख सकते हैं। सबसे महत्वपूर्ण चीज यह है कि, आप यह देख सकते हैं कि कितना ब्याज़ चुकाना है और कुल कितना लोन अभी भी चुकाना बाकी है ( मूलधन और ब्याज़).

साथ ही, आप अपने कार्यकाल को कम कर सकते हैं यह देखने के लिए कि आप थोड़ी ज़्यादा EMI के बदले में अपने होम लोन पर कम ब्याज़ का भुगतान कैसे कर सकते हैं. उदाहरण के लिए, अगर आप 11% ब्याज़ दर पर 115 महीनों के लिए रु. 20 लाख का लोन लेते हैं, तो प्रत्येक ईएमआई रु. 28,212 होगी और आपका कुल ब्याज़ भुगतान रु. 12,44,389 होगा.

दूसरी ओर, अगर आप सभी मूल्यों को स्थिर रखते हैं लेकिन अवधि को 100 महीनों तक कम करते हैं, तो आपकी ईएमआई रु. 30,633 होगी, और आपका कुल ब्याज़ भुगतान रु. 10,63,350 तक कम हो जाएगा.

यहां होम लोन ब्याज़ कैलकुलेटर का उपयोग करने के लाभों की जानकारी दी गई है.

  • यह आपके होम लोन पर कितना ब्याज़ लगा है यह देखने में मदद करता है.
  • यह आपको अपने लोन के लिए सही अवधि चुनने में मदद करता है.
  • यह दर्शाता है कि लोन किफायती है या नहीं.
  • यह आपकी घर खरीदने के लिए बजट का निर्णय लेने में मदद करता है.
  • यह सटीक और त्रुटि मुक्त परिणाम प्रदान करता है.

इस जानकारी के साथ, आप न केवल यह जानेंगे कि अपने होम लोन के ब्याज की गणना कैसे करनी है, बल्कि आप सही से यह भी समझ पाएंगे कि आपकी ब्याज दर और होम लोन एप्लीकेशन के समय कौन से कारक प्रभावित करते हैं.

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