को-साइनर और को-एप्लीकेंट के बीच क्या अंतर है?

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होम लोन के लिए अप्लाई करते समय, प्राथमिक उधारकर्ता या तो को-साइनर या को-एप्लीकेंट को सूचीबद्ध कर सकता है. दोनों के बीच का अंतर यह है कि जॉइंट होम लोन के लिए, को-एप्लीकेंट लागू होम लोन की ब्याज़ दरों के अनुसार ईएमआई का भुगतान करने की जिम्मेदारी शेयर करता है. दूसरी ओर, को-साइनर तभी भुगतान करता है जब उधारकर्ता भुगतान पर डिफॉल्ट करता है.

 

हालांकि, को-साइनर या को-एप्लीकेंट होने का एक शेयर किया गया लाभ यह है कि यह लोन पात्रता को बढ़ाता है.

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