सेक्योर्ड और अनसेक्योर्ड लोन के बीच क्या अंतर हैं?

2 मिनट का आर्टिकल

सेक्योर्ड और अनसेक्योर्ड लोन बैंकों और नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनियों द्वारा प्रदान की जाने वाली फाइनेंसिंग के प्रकार हैं, ताकि ग्राहकों को अपनी फाइनेंशियल ज़रूरतों को पूरा करने में मदद मिल सके. यहां दोनों के बीच कुछ प्रमुख अंतर देखें:

सुरक्षित ऋण

जब आप किसी एसेट को कोलैटरल के रूप में गिरवी रखते हैं, तो लेंडर आपको इसके बदले में एक सेक्योर्ड लोन देते हैं, क्योंकि कोलैटरल लोन को सुरक्षा देता है. उदाहरण के लिए, आप अपने घर या प्लॉट, गोल्ड, वाहन, सिक्योरिटीज़ या फिक्स्ड डिपॉजिट को कोलैटरल के रूप में गिरवी रख सकते/सकती हैं.

सेक्योर्ड लोन में मॉरगेज़ लोन, गोल्ड लोन, फिक्स्ड डिपॉजिट पर लोन, वाहन लोन और सिक्योरिटीज़ पर लोन शामिल हैं. याद रखें कि अगर आपने सेक्योर्ड लोन पर डिफॉल्ट किया है, तो बकाया क़र्ज़ रिकवर करने के लिए लेंडर आपके एसेट को जब्त और लिक्विडेट कर सकता है.

अनसेक्योर्ड लोन

अनसेक्योर्ड लोन के लिए आपको कोई कोलैटरल गिरवी रखने की आवश्यकता नहीं है. लेंडर आपके अच्छे पुनर्भुगतान के इतिहास को सुनिश्चित करने के लिए आपके क्रेडिट स्कोर की जांच करते हैं. अनसेक्योर्ड लोन लेने के लिए 750 या उससे अधिक का क्रेडिट स्कोर बनाए रखना महत्वपूर्ण है. डिफॉल्ट के मामले में, आपका क्रेडिट स्कोर कम हो जाएगा.

दो प्रकार के लोकप्रिय अनसेक्योर्ड लोन में शामिल हैं:

  1. पर्सनल लोन
  2. बिज़नेस लोन

बजाज फिनसर्व पर्सनल लोन के लिए अप्लाई करने के लिए, ऑनलाइन एप्लीकेशन फॉर्म पर अपना विवरण भरें, उपयुक्त लोन राशि और अवधि चुनें, संबंधित डॉक्यूमेंट सबमिट करें और अप्रूवल के 24 घंटों* के भीतर अपने बैंक अकाउंट में पैसे पाएं.

*शर्तें लागू

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