पर्सनल लोन पर GST का क्या प्रभाव होता है?

2 मिनट का आर्टिकल

भारत सरकार ने 1 जुलाई 2017 को जीएसटी (माल और सेवा कर) लागू किया. इस अधिनियम ने भारत में बेचे गए या ऑफर किए गए सभी सामान और सेवाओं को प्रभावित किया है. पर्सनल लोन भी इसका हिस्सा हैं. क्योंकि ये बहुत लोकप्रिय हैं और आप नियोजित या अनियोजित आवश्यकताओं के लिए, इनके लिए अप्लाई करने पर विचार कर सकते हैं, इसलिए यह जानें कि जीएसटी आपके उधार लेने के अनुभव को कैसे प्रभावित करेगा.

पर्सनल लोन: जीएसटी से पहले और बाद

 

जब लागू नहीं था
जीएसटी

जब लागू हो गया
जीएसटी

विशेषताएं, ब्याज़ दरें और ईएमआई

आपके द्वारा चुने गए लेंडर पर निर्भर

कोई बदलाव नहीं

प्रोसेसिंग फीस

प्रोसेसिंग शुल्क पर 15% का सर्विस टैक्स

प्रोसेसिंग शुल्क पर 15% जीएसटी

पात्रता मानदंड

आपके द्वारा चुने गए लेंडर पर निर्भर

कोई बदलाव नहीं

आवश्यक डॉक्यूमेंटेशन

कोई जीएसटी सर्टिफिकेट नहीं

जीएसटी सर्टिफिकेट ज़रूरी है (बिज़नेस लोन, किसी तरह का पर्सनल लोन लेने वाले स्व-नियोजित उधारकर्ताओं के लिए)

पर्सनल लोन पर GST के फायदे और नुकसान

फायदे

  • बजाज फिनसर्व मामूली प्रोसेसिंग फीस लेता है. इसलिए, जीएसटी के साथ भी, आपका खर्च न्यूनतम रहता है
  • जीएसटी के बाद, उधारकर्ताओं को कई टैक्स के बजाय केवल एक टैक्स का भुगतान करना होगा
  • आपको केवल एक बार जीएसटी का भुगतान करना होगा

नुकसान

  • जीएसटी ने देय टैक्स को 3% से बढ़ा दिया है, जिससे उधार लेने की लागत अब कुछ बढ़ गई है

पर्सनल लोन शुल्क जिनपर टैक्स लागू होता है

बजाज फिनसर्व से उधार लेने पर नीचे दिए गए पर्सनल लोन शुल्क पर टैक्स लगता है.

  • बाउंस होने पर लगने वाले शुल्क
  • प्रोसेसिंग फीस
  • फोरक्लोज़र शुल्क
  • दंड ब्याज़
  • लोन अकाउंट स्टेटमेंट शुल्क
  • आउटस्टेशन कलेक्शन पर शुल्क
  • पार्ट प्री-पेमेंट शुल्क

अगर आप पार्ट-प्री-पेमेंट करना चाहते हैं, तो बजाज फिनसर्व पार्ट प्री-पेमेंट कैलकुलेटर का इस्तेमाल पहले से ही करें, क्योंकि इसमें लागू जीएसटी शामिल है.

पुनर्भुगतान की योजना बनाने के लिए, लोन के लिए अप्लाई करने से पहले बजाज फिनसर्व पर्सनल लोन ईएमआई कैलकुलेटर का उपयोग करें, और सुनिश्चित करें कि आपकी पुनर्भुगतान यात्रा आसान और झंझट-मुक्त रहे.

अधिक पढ़ें कम पढ़ें