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ओ-टी-पी फ्रॉड क्या है और इससे बचने के तरीके

  • हाईलाइट: 

  • फ़ोन कॉल स्कैम, और एस-एम-एस स्कैम की तरह ओ-टी-पी स्कैम भी देश में बढ़ रहा है
  • डिजिटल धोकेबाज़ मैलवेयर द्वारा आपका ओ-टी-पी नंबर जान सकते हैं
  • दुर्घटना होने पर तुरंत साइबर सेल से संपर्क करें

आज के समय में ऑनलाइन ट्रांसेक्शन ने हमारा जीवन बहुत सरल ज़रूर बना दिया है परन्तु इसी सुविधा ने डिजिटल ठगों को हमारे पैसे ऐंठने का अच्छा-ख़ासा मौका भी दे दिया है। 

टू-स्टेप प्रमाणीकरण डिजिटल धोखेबाज़ों से बचने का सबसे अच्छा उपाय है जिसमे आपके ऐ-टी-एम पिन के साथ-साथ आपका ओ-टी-पी नंबर भी मांगा जाता है। धीरे-धीरे आम लोगों का रुझान इसके प्रति भी बढ़ रहा है परन्तु यहाँ भी डिजिटल ठगों ने आम लोगों को बेवकूफ बनाने का तरीका ढूंढ लिया है।


2020 में ही भारत में साइबर क्राइम के करीब 50,035 मामले दर्ज हुए थे और 2019 की अपेक्षा 2020 में इस संख्या में 11.8% का इजाफा हुआ है। पहले ये मामले एस-एम-एस, फ़ोन कॉल अथवा ईमेल स्कैम तक सीमित थे परन्तु अब ओ-टी-पी स्कैम ने लोगों और फाइनेंशियल संस्थानों की नाक में दम करके रखा हुआ है।

ओ-टी-पी फ्रॉड अथवा ओ-टी-पी फिशिंग निम्नलिखित तरीकों से की जा सकती है:

  • यदि आपके फ़ोन में किसी प्रकार का मैलवेयर आ जाए तो आपके ओ-टी-पी की जानकारी भी कहीं और पहुँच सकती है।

  • आपको बेवकूफ बना कर कोई आपका ओ-टी-पी नंबर ले भी सकता है। ऐसा अक्सर ये डिजिटल ठग किसी फ़ोन कॉल अथवा एस-एम-एस द्वारा करते हैं। कभी-कभी ये लोग आप पर दबाव बनाने की कोशिश भी कर सकते हैं।

    कैसे सावधानी बरतें:

     

  • ये डिजिटल धोकेबाज़ आपके फ़ोन में मैलवेयर अधिकांश एस-एम-एस द्वारा पहुँचाते हैं।  ऐसे एस-एम-एस में ज़्यादातर कोई ऐसा लिंक होता है जिसको यदि आप क्लिक करोगे तो वह सीधा आपके मोबइल में वायरस पहुंचा देता है।  इस प्रकार के एस-एम-एस को पकड़ना बहुत मुश्किल होता है।  यदि आप इसके चंगुल में किसी तरह फंस गए हो तो आप साइबर सिक्योरिटी को तुरंत कॉल करें। 

  • किसी भी प्रतिष्ठित संस्थान जैसे कि बजाज फिनसर्व की तरफ से कोई भी अधिकारी आपसे ओ-टी-पी नंबर नहीं मांगता। यदि कोई ये जानकारी मांगे तो आपको तुरंत चौकन्ना हो जाने की ज़रूरत है।

ओ-टी-पी फ्रॉड में मामले अभी अन्य डिजिटल फ्रॉड की अपेक्षा देश में बहुत कम हैं परन्तु आने वाले समय में इसकी संख्या बढ़ेगी। कोई भी दुर्घटना होने पर साइबर सेल से ज़रूर संपर्क करें। 

सावधान रहें। सुरक्षित रहें।

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