एक असाधारण जीवन

राहुल बजाज, जिनका जन्म जून 10, 1938 को हुआ, बजाज ग्रुप ऑफ कंपनीज़ के अध्यक्ष थे. ग्रुप गतिविधियों में टू, थ्री और फोर-व्हीलर मोटर वाहनों की मैन्युफेक्चरिंग और बिक्री, जनरल और लाइफ इंश्योरेंस एवं इन्वेस्टमेंट और कंज्यूमर फाइनेंस, होम एप्लायंसेज, इलेक्ट्रिक लैंप, वायु ऊर्जा, विशेष एलॉय और स्टेनलेस स्टील, मटीरियल हैंडलिंग उपकरण और ट्रेवल शामिल हैं.

श्री बजाज भारत सरकार के तीसरे सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार पद्म भूषण से सम्मानित किए गए थे और उन्हें कई विश्वविद्यालयों से मानद डॉक्टरेट सहित कई पुरस्कार प्राप्त हुए थे. उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से इकोनॉमिक्स में बीए (ऑनर्स), मुंबई विश्वविद्यालय से लॉ की डिग्री और हार्वर्ड बिज़नेस स्कूल से एमबीए की डिग्री प्राप्त की.

फरवरी 2021 में, 8.2 बिलियन अमरीकी डॉलर की कुल संपत्ति के साथ, उन्हें फोर्ब्स की दुनिया के अरबपतियों की सूची में 421 का रैंक प्राप्त हुआ. भारत के सबसे सफल बिज़नेस लीडर्स में से एक, श्री बजाज ने राज्य सभा सदस्य (भारतीय संसद का ऊपरी सदन), इंडियन एयरलाइन्स के चेयरमैन और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, बॉम्बे के गवर्नर बोर्ड के चेयरमैन के रूप में कार्य किया. वे इंटरनेशनल बिजनेस काउंसिल, वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के चेयरमैन, हार्वर्ड बिज़नेस स्कूल के साउथ एशिया एडवाइज़री बोर्ड के पूर्व सदस्य और वॉशिंगटन, डीसी में एडवाइज़री काउंसिल ऑफ द ब्रुकिंग्स इंस्टीट्यूशन के सदस्य भी थे.

उन्होंने जमनालाल बजाज फाउंडेशन सहित बजाज ग्रुप ऑफ कंपनीज़ और चैरिटेबल ट्रस्ट की सीएसआर गतिविधियों का नेतृत्व किया.

उन्होंने 12 फरवरी, 2022 को पुणे में 83 वर्ष की उम्र में अपनी अंतिम सांस ली. आधुनिक भारत के एक उत्कृष्ट उद्योगपति के रूप में, कई उद्योगपतियों, राजनेताओं और आम जनता की उपस्थिति में पूरे राज्य सम्मान के साथ उनका दाह संस्कार किया गया.